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Friday, November 04, 2011

चीनी वस्तुओं का प्रयोग देश के साथ गद्दारी होगा

भारत अब चाइनीज उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार बन गया है। चाइनीज उत्पादों का प्रयोग करके हम लोग चाइना को आर्थिक रूप से मजबूत कर रहे हैं।

लेकिन चाइना क्या कर रहा है ?

हमसे युद्ध कि तैयारी ?

हम सब जानते हैं कि चायनीज उत्पादों का स्तर कैसा होता है।

भारत के खिलाफ चाइना-पाकिस्तान से गठजोड़ कर रहा है।

जो देश हमारे खिलाफ चल रहा हो हम उस देश के उत्पादों का प्रयोग क्यों करते हैं? सिर्फ इसलिए क्योंकि ये उत्पाद सस्ते हैं ?

जबकि चायनीज उत्पादों का घटियापन हम जानते हैं

चाइना-पाक कि कुछ ख़बरें

भारत के करीब चीन जुटा रहा भारी हथियार, तैनात कर रहा 4 नई परमाणु मिसाइलें


भारत और रूस को निशाना बनाने के लिए चीन अब 7200 किलोमीटर तक मार करने वाली डीएफ- 31 मिसाइलें तैनात कर रहा है।

भारत के नक्शे से खिलवाड़, पूछने पर चीनी राजदूत ने कहा- शट अप!


एक चीनी कंपनी के ब्रोशर में लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्‍सा दिखाया गया। इस बारे में जब चीन के राजदूत से एक पत्रकार ने सवाल किया तो उन्‍होंने उन्‍हें 'शट अप' कह कर डांट दिया।

क्या यह औकात है हमारी ?

कोई प्रश्न भी नहीं कर सकते हम ? वो भी हमारे ही देश में ?

कारगिल जैसे युद्ध की तैयारी, इस बार पाक से नहीं चीन से खतरा


आईडीएसए की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन भारत के किसी भू-भाग पर कब्‍जा कर सकता है। वह अरुणाचल प्रदेश के तवांग जैसे किसी इलाके पर अपना कब्‍जा जमा सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत चीन की ऐसी हरकतों का जवाब देने के लिए लगातार ज्‍यादा तैयार हो रहा है। इसमें कहा गया है कि लद्दाख, सेंट्रल सेक्टर, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में चीन अपने पांव पसारने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले चीन के असम में घुसपैठ करने की खबरें भी आ चुकी हैं।

अमेरिका और भारत में बढ़ी दोस्ती, तो चीन के करीब हुआ पाक


हाल के दिनों में चीन पाकिस्तान को 50 जेएफ 17 लड़ाकू विमान सौंपने के लिये भी तैयार हो गया है। अब पाक चीन से छह पनडुब्बियों की खरीद के लिये भी बात कर रहा है, रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इससे दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है।

क्या हम कुछ नहीं कर सकते ?

हम चीन को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं |


हम सभी को इस दुश्मन से निपटने के लिए शपथ लेनी होगी कि हमसे आज से हर चायनीज वस्तु का बहिष्कार करे हैं
आज के बाद हम कोई भी चायनीज वस्तु नहीं खरीदेंगे

स्वदेशी अपनाएँ और देश के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करें

याद रखना अब चीनी वस्तुओं का प्रयोग देश के साथ गद्दारी होगा